कड़कती ठंड में गरीबों के मशीहा बने अखसार अहमद खां वितरित की दो ट्रक लकड़ी

रिपोर्ट- राम शंकर जायसवाल

कड़कती ठंड में गरीबों के मशीहा बने अखसार अहमद खां वितरित की दो ट्रक लकड़ी

सुल्तानपुर /लौहर दक्षिण (उत्कर्ष धारा 24) | सर्दी की रातें गरीबों के लिए बहुत भारी पड़ती हैं। उन्हे तलाश रहती है किसी ऐसे मसीहा की जो आकर उनको ठंड से बचा सके। ठिठुरते हुए रात न गुजारनी पड़े। बहुत से गरीब इन सर्दी की रातों में खुले आसमान के नीचे कांपते रहते हैं। हालांकि ऐसे कई लोग हैं जो गरीबों की पीड़ा को समझते हुए नेक कार्य के लिए आगे आते हैं और ईंधन, लकड़ी आदि का वितरण कर लोगों को मानव सेवा के लिए प्रेरित करते हैं।

गरीबों के लिए सर्दी का मौसम काफी कष्टप्रद रहता है। गर्मी में तो काम चल जाता है, कहीं भी पड़े रहो इतनी दिक्कत नहीं होती लेकिन सर्दी में उनके लिए भारी मुसीबत होती है। कड़ाके की ठंड में बिना अलाव के उनको रातें गुजारनी पड़ती हैं। ठिठुरते हुए वह रात किसी तरह से रात व्यतीत करते हैं। हालांकि दिन में भी उनको परेशानी होती है लेकिन धूप निकलने पर कुछ राहत मिल जाती है। इस स्थिति में गरीब लोग किसी ऐसे मसीहा की राह देखते हैं,

आपको बता दे कि मंगलवार को लौहर दक्षिण के सामाजिक कार्यकर्ता अखसार अहमद खां ने गरीब असहाय व्यक्तिओ को खाना पकाने व अलाव के लिए दो ट्रक लकड़ी कीमत लगभग (2 लाख ) वितरित करवाया जिससे लोगों में खुशी का लहर दौड़ गया, लोगों ने उनकी उन्नति की दुआ की और उनकी सराहना की, यहाँ लगभग दो सौ से अधिक परिवारो को लाभ मिला |