पूर्व राज्य सभा सांसद व पूर्व मंत्री डॉ0 संजय सिंह ने किया छात्रों द्वारा बनाए गए ‘आन लाइन टीचिंग पोर्टल’ का शुभारंभ

संवाददाता राम शंकर जायसवाल की रिपोर्ट

पूर्व राज्य सभा सांसद व पूर्व मंत्री डॉ0 संजय सिंह ने किया छात्रों द्वारा बनाए गए ‘आन लाइन टीचिंग पोर्टल’ का शुभारंभ

   अमेठी (उत्कर्ष धारा 24)। भारत के महान सिविल इंजीनियर डॉ0 मोक्षगुंडम  विसवेशरैया के जन्म दिन 15 सितंबर को पूरे भारत मे ‘इंजीनियर्स डे’ के रूप मे मनाया जाता है। डॉ0मोक्षगुंडम  विसवेशरैया का जन्म कर्नाटक के कोलार जिले के एक गरीब तेलगू परिवार मे 15 सितंबर 1860 को हुआ था। पूना साइन्स कालेज से सिविल इंजीनियरिंग करने के पश्चात डॉ0 विसवेशरैया ने देश और जनता के लिए अपने इंजीनियरिंग कौशल से अभूतपूर्व सेवा किया जिसके लिए उन्हे वर्ष 1950 मे भारत के सर्वोच्च नागरिक सम्मान भारत रत्न से सम्मानित किया गया।

  • आरआरएसआईएमटी मे वर्चुअल तरीके से मनाया गया ‘इंजीनियर्स डे’, छात्रों ने बनाए 63 प्रोजेक्ट
  • आज का समय टेक्नोलॉजी का है-डॉ0 संजय सिंह*
  • इंजीनियर्स डे पर छात्र नई सोच, नई खोज के लिए लें प्रेरणा-डॉ0 अमीता सिंह

तब से आज तक उनके जन्म दिवस को अभियंता दिवस (इंजीनियर्स डे) के नाम से जाना जाता है। इसी क्रम मे 15 सितम्बर, मंगलवार  को अमेठी जनपद के मुंशीगंज मे स्थित इंजीनियरिंग और प्रबंधन संस्थान राजर्षि रणञ्जय सिंह इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट एंड टेक्नोलोजी (आरआरएसआईएमटी) मे ‘इंजीनियर्स डे’ का आयोजन किया गया।
                संस्थान के छात्रों ने प्रधानमंत्री के ड्रीम प्रोजेक्ट “आत्मनिर्भर भारत” को केंद्र बिन्दु रखकर प्रोजेक्ट बनाए. कोविड-19 के चलते छात्रों द्वारा घर से ही प्रोजेक्ट बनाकर आनलाइन माध्यम से संस्थान के निर्णयक मण्डल के सामने प्रस्तुत किया गया। ‘इंजीनियर्स डे’ के अवसर पर छात्रों ने कुल 63 प्रोजेक्ट बनाए। जिसमे से मेकैनिकल इंजीनियरिंग के छात्रों ने 15, इलेक्ट्रानिक्स एंड कम्यूनिकेशंस इंजीनियरिंग के छात्रों ने 8, कंप्यूटर साइन्स और इन्फार्मेशन टेक्नोलाजी इंजीनियरिंग के छात्रों ने 16, सिविल इंजीनियरिंग के छात्रों ने 8, इलेक्ट्रिकल्स एंड इलेक्ट्रानिक्स इंजीनियरिंग के छात्रों ने 10 तथा एमबीए के छात्रों ने कुल 6 प्रोजेक्ट बनाए।
                  छात्रों के सभी प्रोजेक्ट का आन लाइन प्लेटफार्म-गूगल मीट पर निर्णयक मण्डल के सदस्यों द्वारा मूल्यांकन किया गया जिसमे मेकैनिकल इंजीनियरिंग से ‘वाटर पावरर्ड़ वेहिकल’, इलेक्ट्रानिक्स एंड कम्यूनिकेशंस इंजीनियरिंग से ‘हर्टबीट बेस्ड होम पावर सेविंग सिस्टम विद वायरस फ्री सिस्टम’, कंप्यूटर साइन्स और इन्फार्मेशन टेक्नोलाजी इंजीनियरिंग से ‘ई-कामर्स वेबसाइट बिल्डर’, सिविल इंजीनियरिंग से ‘ग्राउंड वॉटर रिचार्ज इन ड्राट एरियाज’, इलेक्ट्रिकल्स एंड इलेक्ट्रानिक्स इंजीनियरिंग से ‘ए सिस्टम फार मॉनिटरिंग द इलेक्ट्रिसिटी सबस्टेशन यूजिंग आईओटी’, और एमबीए से ‘म्यूचुवल फ़ंड: ऐन अट्रैक्टिव इनवेस्टमेंट आप्शन’ को बेस्ट प्रोजेक्ट के लिए चुना गया।
                 संस्थान के कान्फरेंस हाल मे कोविड-19 प्रोटोकाल का पालन करते हुए ‘इंजीनियर्स डे’ मनाया गया। इस कार्यक्रम मे मुख्य अतिथि के रूप मे पूर्व केंद्रीय मंत्री व संस्थान के अध्यक्ष डॉ0 संजय सिंह और विशिष्ट अतिथि के रूप मे उत्तर प्रदेश की पूर्व प्राविधिक शिक्षा मंत्री व संस्थान की उपाध्यक्ष डॉ0 अमीता सिंह उपस्थित रहे।
                कार्यक्रम के शुरुवात मे अतिथियों ने डॉ0 मोक्षगुंडम  विसवेशरैया के चित्र पर पुष्पार्चन किया और इंजीनियरिंग के क्षेत्र मे उनके योगदान को याद किया। संस्थान की निदेशक श्रीमती चंदारानी ने अतिथियों का स्वागत किया और छात्रों को संबोधित करते हुये कहा कि देश इंजीनियरिंग में  प्रतिदिन आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि  इंजीनियरिंग और प्रबंधन के प्रगति किए बिना देश का विकास संभव नहीं है।
                संस्थान के छात्र अवीर श्रीवास्तव, अरुणेंद्र सिंह, विकास कश्यप,प्रिंसी सरोज, आदर्श तिवारी, अभिजीत प्रताप की टीम ने कोविड-19 के दौरान शिक्षा के क्षेत्र मे उत्पन्न चुनौती को देखते हुए ‘आन लाइन टीचिंग पोर्टल-साइबर शाफ्ट’ तैयार किया है जिसका शुभारंभ मुख्य अतिथि डॉ0 संजय सिंह और विशिष्ट अतिथि डॉ0 अमीता सिंह के कर कमलों द्वारा किया गया। साथ ही पूर्व केंद्रीय मंत्री व संस्थान के अध्यक्ष डॉ0 संजय सिंह और उत्तर प्रदेश की पूर्व प्राविधिक शिक्षा मंत्री व संस्थान की उपाध्यक्ष डॉ0 अमीता सिंह द्वारा बेस्ट प्रोजेक्ट को तैयार वाले छात्रों  को पुरस्कृत भी किया गया।
                इस अवसर पर पूर्व केंद्रीय मंत्री व संस्थान के अध्यक्ष डॉ0 संजय सिंह ने कहा कि आज का समय टेक्नोलॉजी का है। इस कोविड के समय यह और अधिक सहायक हुआ है। लोगों ने टेक्नोलॉजी की मदद से घरों से ही काम किया है।
                कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उत्तर प्रदेश की पूर्व प्राविधिक शिक्षा मंत्री व संस्थान की उपाध्यक्ष डॉ0 अमीता सिंह ने कहा कि आज का दिन नई सोच, नई खोज के लिए प्रेरणा लेने का है। छात्रों को राष्ट्र निर्माण का संकल्प करना चाहिए। जिससे आत्मनिर्भर भारत और मेकइन इंडिया के सपने को पूरा किया जा सके।

                कार्यक्रम के दौरान संस्थान कि निदेशक श्रीमती चंदारानी सहित संयुक्त निदेशक, समस्त विभागाध्यक्ष, प्रोजेक्ट समन्वयक व पुरस्कार पाने वाले छात्र उपस्थित रहे।