युवा खिलाड़ियों को तराशना मेरा संकल्प- डॉ0 अमीता सिंह

रिपोर्ट- राम शंकर जायसवाल

युवा खिलाड़ियों को तराशना मेरा संकल्प- डॉ0 अमीता सिंह

नई दिल्ली/अमेठी (उत्कर्ष धारा 24)। 31 अगस्त, 2020, पूर्व अंतर्राष्ट्रीय व राष्ट्रीय बैडमिंटन चैंपियन तथा डेल्ही कैपिटल बैडमिंटन एसोसिएशन (डीसीबीए) अध्यक्ष डॉ0 अमीता सिंह के मेजबानी मे 30 अगस्त की शाम 6 बजे से 7:30 तक बैडमिंटन खेल पर वेबिनार श्रृंखला ‘लेट द बर्ड फ्लाई’ का तीसरा आयोजन किया गया. डीसीबीए अध्यक्ष डॉ0 अमीता सिंह ने रविवार शाम को आयोजित वेबिनार में एक बार फिर से कहा है की उनका ध्येय अपने तीस वर्षों के बैडमिंटन खेल के अनुभव से नई पीढ़ी को तैयार करना है. बताते चलें कि उत्तर प्रदेश शासन मे प्राविधिक शिक्षा मंत्री रह चुकी डॉ० अमीता सिंह राजनीति के माध्यम से समाजसेवी के रूप में आज सक्रिय हैं. इसके साथ ही वह बैडमिंटन खेल जगत का एक जाना-माना नाम रही हैं. उन्हें पहली उप-जूनियर नेशनल चैंपियन बनने का गौरव प्राप्त है.

  • खिलाड़ी कि कभी हार नहीं होती- डॉ0 अमीता सिंह
  • ​​​​​कड़ी मेहनत, अथक दिनचर्या, फोकस, और दृढ़ निश्चय ऐसे दुर्लभ गुण हैं जो कि एक व्यक्ति को चैंपियन बनाते हैं- डॉ0 अमीता सिंह
  • ‘लेट द बर्ड फ्लाई’ वेबिनार श्रृंखला का हुआ तीसरा आयोजन
  • वेबिनार मे खेल दिग्गजों ने साझा किए अपने अनुभव

डॉ० अमीता सिंह कई अंतर्राष्ट्रीय व राष्ट्रीय चैंपियनशिप में मेडल अपने नाम कर चुकी हैं. रविवार को आयोजित वेबिनार में अतिथि वक्ता के रूप में पूर्व अंतर्राष्ट्रीय व राष्ट्रीय चैंपियन मंजूषा कंवर और अर्जुन अवार्ड से सम्मानित पूर्व अंतर्राष्ट्रीय व राष्ट्रीय चैंपियन अपर्णा पोपट ने शिरकत किया।अर्जुन अवार्ड से सम्मानित पूर्व अंतर्राष्ट्रीय व राष्ट्रीय चैंपियन अपर्णा पोपट ने वेबिनार मे कहा कि एक सफल खिलाड़ी को सबसे पहले महत्वाकांक्षी होना चाहिए। जिससे वह लगातार प्रेरित होता है और टीम तथा व्यक्तिगत दोनों प्रदर्शन बेहतर कर पाता है। अपर्णा पोपट ने कहा कि खेल मे एक खिलाड़ी कई बार अपना जज खुद होता है जो हमेशा यह तय करता है कि खिलाड़ी कितना अच्छा खेला ना कि कितने खेल जीते।पूर्व अंतर्राष्ट्रीय व राष्ट्रीय चैंपियन मंजूषा कंवर ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि खेल के दौरान खिलाड़ी को जीवन के ऐसे पाठ सीखने को मिलते हैं जो शायद कहीं और से नहीं मिल सकते। प्रैक्टिस के दौरान पूरी प्रतिस्पर्धा रखने से खिलाड़ी को तैयार होने मे बहुत मदद मिलती है।डीसीबीए अध्यक्ष डॉ0 अमीता सिंह ने वेबिनार मे कहा की रातोंरात कोई चैंपियन नहीं बनता है। कड़ी मेहनत, अथक दिनचर्या, फोकस, और दृढ़ निश्चय ऐसे दुर्लभ गुण हैं जो कि एक व्यक्ति को चैंपियन बनाते हैं। पूर्व अंतर्राष्ट्रीय व राष्ट्रीय चैंपियन डॉ0 अमीता सिंह ने कहा कि एक खिलाड़ी को ट्रेनिंग और खेल के लिए बाहर रहना पड़ता है जिससे स्कूल और खेल दोनों मे संतुलन बनाना एक बड़ी चुनौती होती है। जिसके लिए स्पोर्ट्स के अलग से विश्वविद्यालय होने से इस चुनौती का सही समाधान मिल सकता है।

          डॉ0 अमीता सिंह ने कहा कि खिलाड़ी कि कभी हार नहीं होती बल्कि उसे हर हार से नए अवसर कि राह मिलती है। डीसीबीए अध्यक्ष डॉ0 अमीता सिंह ने सभी अतिथियों को धन्यवाद देते हुए कहा कि इस वेबिनार द्वारा मिल रहे अनुभवों से युवा खिलाड़ी जरूर प्रेरणा लेंगे और गोल्ड मेडल ले आएँगे. डॉ0 सिंह ने कहा कि  वास्तव में ट्रेनिंग, निष्ठा, और अनुशासन एक स्टार को तैयार करता है.

            डेल्ही कैपिटल बैडमिंटन एसोसिएशन (डीसीबीए) अध्यक्ष डॉ0 अमीता सिंह ने कहा कि कोविड-19 ने खेल को भी थोड़ा प्रभावित किया है। लेकिन इस दौरान भी प्रैक्टिस करते रहने की जरूरत है. जो नए खिलाडी हैं उन्हे संयम और अनुशासन के साथ दृढ़ संकल्प रखते हुए कड़ी मेहनत करनी चाहिए। साथ ही उनके परिवार को चाहिए की वह उन्हें अधिक से अधिक सहयोग करें और उनका हौसला बढाएँ। उन्होंने कहा की एक खिलाड़ी हमेशा एक खिलाड़ी होता है।

       डॉ0 अमीता सिंह ने कहा कि उन्होने संकल्प लिया है कि अपने अनुभव के साथ डेल्ही कैपिटल बैडमिंटन एसोसिएशन (डीसीबीए) के माध्यम से बेहतर चैम्पियन तराशने का कार्य वह सतत करती रहेंगी। जिसके लिए इसी प्रकार के वेबिनर और व्यक्तिगत प्रयास युवा खिलाड़ियों के कैरियर निर्माण के लिए किए जाते रहेंगे।