सीएमओ कार्यालय में राष्ट्रीय आयोडीन अल्पता विकार निवारण दिवस का हुआ आयोजन

संवाददाता राम शंकर जायसवाल की रिपोर्ट

सीएमओ कार्यालय में राष्ट्रीय आयोडीन अल्पता विकार निवारण दिवस का हुआ आयोजन

अमेठी(उत्कर्ष धारा 24)

राष्ट्रीय आयोडीन अल्पता विकार नियंत्रण दिवस का आयोजन आज मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय के सभागार में आयोजित हुआ। इस दौरान मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ आशुतोष कुमार दुबे ने आयोडीन की कमी से होने वाली स्वास्थ्य संबंधी विभिन्न समस्याओं के बारे में विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि आयोडीन की कमी से गर्भवती महिला का गर्भपात होने की संभावना अधिक रहती है, आयोडीन की कमी से बच्चों में मानसिक मंदता, शारीरिक विकास रुक जाते हैं तथा बहरापन व विकलांगता के कुप्रभाव भी पड़ सकते हैं। उन्होंने बताया कि वयस्कों में भी आयोडीन की कमी से गले में घेंघा (सूजन) होने का खतरा रहता है जो लाइलाज बीमारी है। उन्होंने बताया कि वर्ष 1986 से भारत सरकार की तरफ से यूनिवर्सल सॉल्ट आयोडाइजेशन कराया गया जिससे बाजार में बिकने वाले साधारण नमक मे भी आयोडीन मिला रहता है। उन्होंने बताया कि आयोडीन युक्त नमक की पैकिंग पर उगते हुए सूरज का प्रतीक रहता है तथा वर्ष 2006 में भारत सरकार द्वारा बिना आयोडीन मिले खुले नमक की बिक्री पर रोक लगा दी गई है। उन्होंने जन सामान्य से अपील करते हुए कहा कि सभी को आयोडीन युक्त नमक का ही सेवन करना चाहिए, जिससे आयोडीन की कमी से होने वाले रोगों से बचा जा सके। उन्होंने बताया कि मां के दूध में, प्याज व अन्य विभिन्न प्रकार की खाद्य सामग्री में प्रचुर मात्रा में आयोडीन नमक पाया जाता है। इस दौरान उन्होंने कहा कि "सबकी सेहत का रखवाला-नमक खाएं तो आयोडीन वाला"। इस दौरान मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने समस्त आशा एवं आंगनवाडी कार्यकत्रियों को निर्देशित करते हुए कहा कि जन सामान्य को आयोडीन युक्त पोषक तत्वों के फायदे एवं उसकी कमी से उनके स्वास्थ्य पर होने वाले दुष्परिणामों का व्यापक रूप से प्रचार प्रसार करें। कार्यक्रम के दौरान अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉक्टर एनके मिश्रा, डॉक्टर सी एस अग्रवाल, डॉक्टर आरपी गिरी, डॉक्टर राम प्रसाद, बसंतराय, शालू गुप्ता सहित अन्य संबंधित मौजूद रहे।