हिंसा रहित हो चुनाव

हिंसा रहित हो चुनाव

चाहे छोटे चुनाव हो या बड़े किसी भी राजनीतिक दल को जिम्मेदार नहीं ठहरा सकते असल में यह जिम्मेदारी चुनाव आयोग की होती है कि कैसे निष्पक्ष और हिंसा रहित चुनाव हो वर्तमान में हुए चुनाव में ही था के लिए किसी भी राजनीतिक दल पर आरोप-पत्यारोप से ज्यादा चुनाव आयोग की साख पर बट्टा लगा है आज एक बार फिर पूर्व मुख्य चुनाव आयुक्त टी शेषन के कार्यकाल की यादें ताजा हो गई क्या भविष्य में फिल्म कवि शेषन जैसा चुनाव आयोग देश को मिलेगा या नहीं फिलहाल यह प्रश्न अभी भविष्य के गर्त में है