राज्यसभा के सभापति वेंकैया नायडू ने रविवार को विपक्ष के हंगामे

राज्यसभा के सभापति वेंकैया नायडू ने रविवार को विपक्ष के हंगामे

पर कहा, कल राज्यसभा के लिए बुरा दिन था जब कुछ सदस्य सदन के वेल में आए।

कुछ सांसदों ने पेपर को फेंका। माइक तोड़ दिया। रूल बुक को फेंका गया। उपसभापति को धमकी दी गई। उन्हें उनका कर्तव्य निभाने से रोका गया।

यह दुर्भाग्यपूर्ण और निंदनीय है। मैं सांसदों को सुझाव देता हूं, कृपया कुछ आत्मनिरीक्षण करें।

कृषि विधेयकों पर बहस के दौरान टीएमसी सांसद डेरेक ओ ब्रायन ने उपसभापति के सामने रूल बुक फाड़ दी। कांग्रेस और आम आदमी पार्टी सांसद वेल में पहुंच गए।

वहीं, आज इस पर कार्रवाई करते हुए आठ सांसदों को राज्यसभा से निलंबित कर दिया गया है।

मानसून सत्र के दौरान रविवार को संसद के ऊपरी सदन में खासी नोकझोंक देखने को मिली।

मानसून सत्र के दौरान रविवार को संसद के ऊपरी सदन में खासी नोकझोंक देखने को मिली। मानसून सत्र के दौरान रविवार को संसद के ऊपरी सदन में खासी नोकझोंक देखने को मिली।

सभापति ने कहा, मैं डेरेक ओ ब्रायन को सदन से बाहर जाने का आदेश देता हूं। साथ ही सदन के आठ सांसदों को एक सप्ताह के लिए निलंबित किया जाता है।

 

इसके अलावा, कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया (एम) के एलमरन करीम और केके रागेश को भी सदन से निलंबित किया जाता है। 

नायडू ने कहा, इन सांसदों को उपसभापति के साथ दुर्व्यवहार करने की वजह से एक सप्ताह के लिए निलंबित कर दिया गया है। 

वहीं, भाजपा के राज्यसभा सांसद वी मुरलीधरन ने कहा, निलंबित सदस्यों को सदन में रहने का कोई अधिकार नहीं है। गैर-सदस्यों की उपस्थिति से सदन कार्य नहीं कर सकता है। 

उन्होंने कहा, विपक्ष के जिन आठ सांसदों को निलंबित किया जा रहा है,

उसमें तृणमूल कांग्रेस के डेरेक ओ ब्रायन और डोला सेन, आम आदमी पार्टी के संजय सिंह, कांग्रेस के राजीव सातव, रिपुन बोरा और सैयद नजीर हुसैन शामिल हैं।