महोबा से प्रयागराज जा रहा कार चालक लापता एक साल पहले कर दी गयी थी हत्त्या बबेरू पुलिस ने बांदा से तीन हत्यारों को किया गिरफ्तार

महोबा से प्रयागराज जा रहा कार चालक लापता एक साल पहले कर दी गयी थी हत्त्या बबेरू पुलिस ने बांदा से तीन हत्यारों को किया गिरफ्तार

 महोबा से प्रयागराज जा रहा कार चालक लापता एक साल पहले कर दी गयी थी हत्त्या बबेरू पुलिस ने बांदा से तीन हत्यारों को किया गिरफ्तार 

 

 

 

बांदा संवाददाता।गाड़ी के जीपीएस के डाटा से अपराधियों का चेहरा हुआ बेनकाब

एक साल पहले प्रयागराज से एक कार चालक एक यात्री को छोड़ने के लिए महोबा आया था। और वापस जाते समय रास्ते से गायब हो गया। जिसकी कार जनपद के बबेरू थाने में बरामद की गई थी। बबेरू पुलिस ने लापता कार चालक की मौत की गुत्थी सुलझाते हुए इस मामले में तीन हत्यारों को गिरफ्तार किया है।

इस बारे में जानकारी देते हुए अपर पुलिस अधीक्षक महेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि अपहत चालक योगेंद्र सिंह उर्फ मदन यादव बहुत चालक पुत्र राजेंद्र निवासी ग्राम बकसेडा थाना बहरिया मनगढ प्रयागराज, वर्ष 2019 में अपनी कार संख्या यूपी 14 बीडब्ल्यू 5503 में एक यात्री को लेकर महोबा गया था।वहां से वापस लौट रहा था। रास्ता ठीक से पता न होने पर बांदा शहर में केवटरा चैराहे के पास विपिन तिवारी पुत्र रामकरण तिवारी निवासी केवटरा चैराहा मूल पता ग्राम अम्लोर थाना पैलानी व संजय दुबे पुत्र स्व. मनीराम दिवेदी निवासी ग्राम घूरी थाना बिंसडा खडे मिले।

इनसे चालक ने प्रयागराज जाने का रास्ता पूछा तो दोनों अपराधी यह कहकर गाड़ी में बैठ गए कि हमें भी वही जाना है हम रास्ता बता देंगे।यह दोनों उस गाड़ी में बैठकर चमरौडी चैराहे मे लगभग एक घंटा रुके और उसके बाद तिंदवारी थाना क्षेत्र के भुजौली गांव पहुंचे। भुजौली गांव में करीब 21 मिनट रुक कर अभियुक्त अपने रिश्तेदार से मिलकर फफूंदी गांव पहुंचे।वहां 12 मिनट रुके, वहां से एक और अभियुक्त शीलू उर्फ शैलेंद्र कुमार पुत्र स्व. प्रेमचंद तिवारी निवासी ग्राम फफूंदी थाना बबेरू को लेकर बबेरू तिंदवारी होते हुए बेंदा घाट से पहले छापर ढाबे पर रुके।

इस दौरान तीनों अभियुक्तों ने दो स्थानों पर शराब पी। शराब पीने के कारण चालक नशे में हो गया। तो इन लोगों ने उससे कहा कि अब तुम गाड़ी नहीं चला सकते हो, तुम बैठो गाड़ी हम चलाते हैं। इतना कहकर इन्होंने गाड़ी ड्राइव करना शुरू किया और बेंदा घाट के यमुना पुल में ही चालक की कार के अंदर गला घोट कर व कुल्हाड़ी से हमला कर हत्या कर दी और शव को यमुना नदी में  फेंक दिया।

बाद  में उसकी लूटी हुई कार में जब यह जा रहे थे तभी कार सिमौनी गांव के पास पलट गई और यह तीनों वहाँ से भाग निकलने में सफल रहे। शव बरामद होने पर मुकदमा फतेहपुर जनपद के ललौली थाने में दर्ज हुआ, लेकिन 10 महीने की विवेचना के बाद भी मौत की गुत्थी नहीं सुलझी।तब इस मुकदमे को जनपद बांदा के बबेरू थाने में ट्रांसफर किया गया।

बबेरु  थाना क्षेत्र के चैकी इंचार्ज राधा मोहन द्विवेदी को विवेचना सौंपी गई और उन्होंने गाड़ी के जीपीएस के डाटा से कड़िया जोड़ना शुरु किया।  जब वह भुजौली गांव पहुंचे तो वहां के अपराधियों के जरिए हत्या अभियुक्त विपिन तिवारी तक पहुंच गए और कड़ाई से पूछताछ पर उसने अपने दोनों साथियों के भी नाम बताएं। जिसके आधार पर आला कत्ल भी बरामद किया गया। हत्यारों को गिरफ्तार करने में थानाध्यक्ष बबेरू भास्कर मिश्र, सिमौनी चैकी इंचार्ज राधा मोहन द्विवेदी कांस्टेबल धीरेंद्र सिंह, राहुल यादव वह धर्मेंद्र सिंह शामिल रहे।