प्रदेश में डी जे पर रोक का आदेश रद्द

प्रदेश में डी जे पर रोक का आदेश रद्द

सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को उत्तर प्रदेश के डीजे संचालकों की याचिका पर सुनवाई करते हुए इलाहाबाद हाई कोर्ट का डीजे बजाने पर रोक और डीजे का लाइसेंस जारी करने पर रोक का आदेश रद्द कर दिया जस्टिस विनीत शरण और दिनेश महेश्वरी की पीठ अपने सचिन कश्यप सहित करीब एक दर्जन डीजे संचालकों की याचिका पर सुनवाई करते हुए इलाहाबाद हाईकोर्ट के आदेश के अंश को रद्द कर दिया जिससे उत्तर प्रदेश में डीजे के लाइसेंस जारी करने पर रोक लगाई गई थी और बिना लाइसेंस के डीजे बजाने पर भी रोक थी हालांकि सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले की शुरुआती सुनवाई में ही हाईकोर्ट के आदेश पर अंतरिम रोक लगा दी गुरुवार को कोर्ट ने हाईकोर्ट के आदेश का अंत भी रद्द कर दिया हाई कोर्ट ने 2019 में एक याचिका पर सुनवाई करते हुए डीजे को ध्वनि प्रदूषण फैलाने वाला मानते हुए  उसके बजाने और लाइसेंस जारी करने पर रोक लगा दी थी गुरुवार को डीजे संचालकों की ओर से फेस वरिष्ठ वकील एस आर सिंह ने हाईकोर्ट के आदेश का विरोध करते हुए कहा कि साउंड प्रोड्यूस सिंग इंस्ट्रूमेंट चलाकर म्यूजिक सुनना व्यक्ति का मौलिक अधिकार है इस अधिकार पर तर्कसंगत नियंत्रण तो लगाया जा सकता है लेकिन पूरी तरह रोक नहीं लगाई जा सकती टीम ने यह भी कहा कि हाईकोर्ट ने जो आदेश पारित किया उसकी तो याचिका में मांग भी नहीं की गई थी और ना ही हाईकोर्ट के समक्ष जनहित याचिका थी थी जिस पर हाईकोर्ट ने पूरे प्रदेश के लिए आदेश जारी कर दिया