धारीवाल शांति धारीवाल राज्य सरकार केंद्र सरकार के कषि काननों को लेकर सोमवार को विधानसभा में चर्चा

धारीवाल शांति धारीवाल राज्य सरकार केंद्र सरकार के कषि काननों को लेकर सोमवार को विधानसभा में चर्चा

धारीवाल शांति धारीवाल राज्य सरकार केंद्र सरकार के कषि काननों को लेकर सोमवार को विधानसभा में चर्चा के लिए रखे गए संशोधन विधेयकों को लेकर भाजपा ने गहलोत सरकार पर जमकर निशाना साधा। भाजपा के उपनेता प्रतिपक्ष राजेंद्र राठौड़ ने कहा कि राज्य सरकार की ओर से पेश किए गए संशोधन विधेयक के उद्देश्य व कारणों में केंद्रीय बिल के खिलाफ जिस तरह की भाषा का इस्तेमाल किया गया है उसे देखकर लगता है कि केंद्र में पाकिस्तान की सरकार है। राठौड ने बिल पर चर्चा के साथ प्रदेश में कानुन व्यवस्था व बेरोजगारी के मद्दे पर भी गहलोत सरकार को जमकर कोसा। उन्होंने कहा कि यह सदन उस वक्त आहूत किया गया जब नेशनल क्राइम रिकॉर्ड ब्यरो की रिपोर्ट चीख-चीखकर यह कह रही है कि विधेयक पारित : मास्क राजस्थान में दीपावली पर आतिशबाजी को बैन करने के मुख्यमंत्री गहलोत के फैसले पर सियासी बयानबाजी शुरू हो गई है। भाजपा नेता मदन दिलावर ने सोमवार को विधानसभा के बाहर बयान दिया कि यदि सरकार को आतिशबाजी से प्रदूषण दिखाई देता है तो उन्हें बकरीद पर पर भी रोक राजस्थान की कानून व्यवस्था जर्जर हो चुकी है। पिछले साल की तुलना में 24.49 प्रतिशत क्राइम बढ़े हैं। उन्होंने कहा कि कृषि मंत्री बेरोजगारी की चचा कर रहे थे लेकिन सेंट्रल फार मॉनिटरिंग इंडिया की ताजा रिपोर्ट में आया है कि पूरे देश में सर्वाधिक बेरोजगारी 15.3 प्रतिशत राजस्थान में है, यह राजस्थान की तस्वीर हैराठौड़ ने संशोधन विधेयकों को लेकर सरकार की मंशा मास्क अनिवार्य करने सदन लगानी चाहिए। उन्होंने कहा कि बडी संख्या में होने वाले बकरों की बलि से ना केवल दूषित पानी बहता है बल्कि इससे बीमारियों का भी खतरा होता है। भाजपा नेता वासुदेव देवनानी ने कहा कि नगर निगम चुनाव में फायदा लेने के लिए पहले सरकार ने आतिशबाजी रोकने के फैसले को लेकर व्यापारियों को आगाह नहीं किया था इसलिए अब प्रतिबंध लगाने से व्यापारियों का बड़ा नुकसान हुआ है। पर भी सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि सदन में जिन बिलों की चर्चा हो रही है वे सितंबर 2020 में ही लोकसभा व राज्य सभा में पारित होकर राष्ट्रपति से हस्ताक्षरित हो चुके हैं। राठौड़ ने कहा कि संविधान के अनुच्छेद 254 के अनुसार समवर्ती सूची पर कोई कानून बनता है तो केंद्र सरकार की ओर से बनाया गया कानून, विधानसभा द्वारा बनाए गए कानून पर प्रभावी होता है। पायल कीसीट सदन में पायलट की