दालों की कीमतों में 20 फीसदी गिरावट

दालों की कीमतों में 20 फीसदी गिरावट

उच्च गुणवत्ता वाली तुअर दाल की एक्स-मिल कीमत घटकर 100 रुपये किलो

मुंबई, 4 नवम्बर दामासो अम्टबर की ऊंचाई से अरहर दाल की कीमतों 15-20 की गिरावट आने से आम जनता को कुछ राहत मिली है। जबकि मसूर और चना सहित अन्य दालों में सरकार द्वारा उठाये गये उपायों के बाद या तो स्थिरता है या गिरावट आयी है। सरकार द्वारा 15 नवंबर से 31 दिसंबर तक तुअर आयात करने की अवधि में विस्तार की घोषणा के बाद से लातर में उच्च गुणवत्ता वाली तुअर दाल की एक्स- मिल कीमत 120 रुपये किलो से घटकर 100 रुपये किलो रह गयी है। सरकार ने सार्वजनिक वितरण प्रणाली के माध्यम से राज्यों को तुअर बेचना भी शुरू कर दिया है। पिछले महीने सरकार ने अरहर आयात करने की अवधि और मसर पर कम आयात शुल्क को 31 दिसंबर तक बढ़ा दिया। इसके अलावा इन कमोडिटीज की कीमतों में कमी लाने के लिए बाजार में चना उतार दिया। अरहर की दाल के मिल गेट और खुदरा मुल्य क्रमशः 120 रुपये प्रति किलोग्राम और 150 रुपये प्रति किलो पहुंच गये थे। केंद्र सरकार ने हाल ही में मोजाम्बिक के साथ फिर से पांच साल के लिए तुअर दाल के आयात के लिए द्विपक्षीय समझौते को नवीनीकृत किया, जिससे भारत हर साल 2 लाख टन दालें आयात कर सकेगा। 31 दिसंबर तक 4 लाख टन अरहर के आयात की अनमति है। मोजाम्बिक से 2 लाख टन के अलावा देश में लगभग 3.25 लाख टन पहुंचने की उम्मीद है। इस बीच, चना दाल की कीमतें भी स्थिर हो गयी हैंमुख्य रूप से दीवाली की मांग और पीएम गरीब कल्याण योजना के विस्तार के कारण चना की कीमतों में तेजी आयी थी। इस महीने सरकार ने मसूर पर लगाये गये 10 फीसदी के कम आयात शुल्क को भी 31 दिसंबर तक बढ़ा दिया है। तुअर बेचना भी शुरू कर दिया है। पिछले महीने सरकार ने अरहर आयात करने की अवधि और मसूर पर कम आयात शुल्क को 31 दिसंबर तक बढ़ा दिया।