किसान आंदोलन का आज 51वां दिन है

किसान आंदोलन का आज 51वां दिन है

किसान आंदोलन का आज 51वां दिन है। विज्ञान भवन में सरकार और किसानों के बीच आज 10वें दौर की बैठक भी बेनतीजा रही। मीटिंग करीब 4 घंटे चली। इसमें 3 मंत्री. कृषि मंत्री नरेन्द्र सिंह तोमर रेल मंत्री पीयूष गोयल और वाणिज्य राज्य मंत्री सोम प्रकाश शामिल हुए। अगली बैठक 19 जनवरी को दोपहर 12 बजे होगी।

आज की मीटिंग में किसान कृषि कानूनों की वापसी पर अड़े रहे। कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने किसानों से अपील करते हुए कहा कि हमने आपकी कुछ मांगें मानी हैं। क्या आपको भी कुछ नरमी नहीं दिखानी चाहिए तोमर ने कहा कि कानून वापसी की एक ही मांग पर अड़े रहने की बजाय आपको भी हमारी कुछ बातें माननी चाहिए। तोमर बोले, किसान चाहें तो अगली मीटिंग से पहले मसौदा दे सकते हैं मीटिंग के बाद कृषि मंत्री ने बतायाएष्हमने कहा है कि अगली मीटिंग से पहले किसान चाहें तो एक अनौपचारिक समूह बना लें।

सरकार से उनकी अपेक्षाएं क्या है इस पर बात कर वो कोई मसौदा बना कर दें तो सरकार खुले मन से बात करने को तैयार है। उनकी बहुत सारी शंकाओं की हमने पहचान की है। उन्हें दूर करने के लिए लिखित प्रस्ताव भी दिया है। लेकिन वो प्रस्ताव उन्हें मंजूर नहीं था इस वजह से बातचीत चल रही है। सुप्रीम कोर्ट की कमेटी बुलाएगी तो पक्ष रखेंगे तोमर ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के प्रति हम सबकी प्रतिबद्धता है और रहेगी।

कोर्ट ने जो फैसला दिया है उसका स्वागत करते हैं। कोर्ट ने जो कमेटी मध्यस्थता के लिए बनाईए वह कमेटी जब हमें बुलाएगी तो हम अपना पक्ष रखेंगे। कोर्ट ने भी समाधान तलाशने के लिए कमेटी बनाई है। हो सकता है किसी चर्चा के माध्यम से कोई हल निकल सके। सर्दी कोविड की चिंता इसलिए खुले मन से बात कर रहे कृषि मंत्री से मीडिया ने पूछा कि कुछ लोग नहीं चाहते कि आंदोलन खत्म होए क्या आपको ऐसी जानकारी है। मंत्री ने जवाब दिया. हमारी जानकारी के मुताबिक कृषि सुधार बिलों के बारे में 2-3 राज्यों के किसान धरने पर बैठे हैं।

उनके प्रतिनिधि के रूप में कुछ यूनियन हमसे बात कर रही हैं। हमारी कोशिश है कि बातचीत से हल निकले और आंदोलन खत्म हो। सर्दी है और कोविड का भी संकट है सरकार को इसकी चिंता है। इसलिए हम खुले मन और बड़प्पन से बात कर रहे हैं। राहुल सोनिया बताएं, पहले झूठ बोल रहे थे या अब बोल रहे हैं कांग्रेस नेता राहुल गांधी कृषि कानूनों को लेकर सरकार पर लगातार निशाना साध रहे हैं। इस बारे में कृषि मंत्री ने मीडिया से बातचीत में कहा कि राहुल के बयान और उनके कामों पर पूरी कांग्रेस हंसती है। मैं आपके माध्यम से राहुल को कहना चाहता हूं कि 2019 में कांग्रेस के मेनिफेस्टो में कृषि सुधारों का लिखित वायदा किया गया था। याद नहीं तो मेनिफेस्टो पढ़लें उसमें इस बात का जिक्र है तो राहुल और सोनिया जी को भारत की प्रेस के सामने आकर स्वीकार करना चाहिए कि उस समय झूठ बोल रहे थे या आज झूठ बोल रहे हैं। सुप्रीम कोर्ट की कमेटी 19 जनवरी को पहली बैठक कर सकती है कृषि कानूनों पर किसानों से चर्चा के लिए सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर 12 जनवरी को 4 एक्सपर्ट्स की एक कमेटी बनाई गई थी। 14 जनवरी यानी 2 दिन बाद ही कमेटी से भारतीय किसान यूनियन के अध्यक्ष भूपिंदर सिंह मान ने नाम वापस ले लिया। अब कमेटी 19 जनवरी को पहली बैठक कर सकती है।

राहुल बोले, मोदी और उनके बिजनेसमैन दोस्त सब छीन लेंगे कृषि कानूनों के खिलाफकांग्रेस ने आज मार्च निकाला। इसमें राहुल और प्रियंका भी शामिल हुए। राहुल ने कहा ष्किसानों को ये बात समझ आ गई है कि उनकी आजादी छिन पर नए होंगेखरीदारों की कि जरूरत सोनिया बताएं, पहले झूठ बोल शामिल थे या अब बोल रहे हैं बात समझ गई है। हिंदुस्तान को ये बात समझनी है। नरेंद्र मोदी और 2.3 उद्योगपति मित्र, जो भी आपका है उसे छीनने जा रहे हैं। मीडिया, आईटी, रिटेल और पावर सेक्टर में देखिएए 4.5 बिजनेसमैन और नरेंद्र मोदी ही हैं। ये 4.5 लोग ही देश को चला रहे हैं। किसान और आम लोग कहीं नहीं हैं।

चंडीगढ़ में कांग्रेस कार्यकर्ताओं पर वाटर कैनन चली बाराबंकीदिल्ली पुलिस ने कांग्रेस सांसद रखनीत सिंह बिट्टू और गुरजीत सिंह को हिरासत में ले लिया। वे जंतर-मंतर पर कृषि कानूनों के खिलाफप्रदर्शन कर रहे थे। उधर चंडीगढ़ में राजभवन की तरफबढ़ रहे कांग्रेस कार्यकर्ताओं पर पुलिस ने वाटर कैनन चलाई। नए कानून एग्रीकल्चर रिफर्स का रास्ता बनाएंगे:

आईएमएफ इंटरनेशनल मॉनेटरी फंह ने भारत के नए कृषि कानूनों को रिफर्स के लिए नया रास्ता बताया है। आईएमएफ के कम्युनिकेशन डायरेक्टर गैरी राइस के मुताबिक भारत के ये नए कानून किसानों के लिए मददगार साबित होंगे। किसान बिना बिचौलियों के सीधे खरीदारों से कॉन्टैक्ट कर सकेंगे। इससे गांवों की ग्रोथ बढ़ेगी। हालांकि राइस ने यह भी कहा कि नए कानूनों को और मजबूत किए जाने की जरूरत है।