आज की ताजी खबर

आज की ताजी खबर

*ताजपोशी होने के बाद प्रधान व उनके आका प्रीतम सिंग भ्रष्टाचार के प्रथम चरण में पैर रखते ही कैमरे में हुवे कैद*

*वृद्ध बुजुर्ग व नाबालिक मजदूरों से मनरेगा के तहत कराया जा रहा कार्य*


*दबंग प्रीतम सिंह के चहेते की जेसीबी होने से रात के अंधेरे में की जा रही थी कच्चे रास्ते की पुराई*


*क्या  जनपद में आपने भी कभी सुना है कि किसानों ने चंदा लगाकर रास्ते की कराई है पुराई, वह भी रात के अंधेरे में*

 *खुद अपने पैर पर गोली मारकर पत्रकार को भेजूंगा जेल प्रीतम सिंह*


*दबंग प्रीतम सिंह व ग्राम प्रधान ने पत्रकार का मोबाइल छीनने का किया भरपूर प्रयास और दबाव बनाकर साक्ष्य करवाए डिलीट*

 

*संविधान के चौथे स्तंभ को ग्राम सभा मोहन अलीपुर में दोबारा ना जाने की दी धमकी*

*लंबरदार के लंबरदारी के आगे हरिजन प्रधान ने फर्जी  मुकदमा लगाकर जेल भेजने की दी धमकी*


*हरिजन प्रधान व लंबरदार की दबंगई का सोशल मीडिया में वायरल हो रहा वीडियो*


*रवि कश्यप*
*फतेहपुर* *जनपद का एक ऐसा गांव जहां सच दिखाने पर मिलती है फर्जी मुकदमे में फंसाने की धमकी और हाथ पैर तोड़ कर अपाहिज करने की भी मिलती है धमकी जी हां आप सोच रहे होंगे आखिरकार जनपद का यह कौन सा गांव है तो हम आपको बताते हैं कि बहुआ विकासखंड के ग्राम मोहनपुर अलीपुर का ताजा मामला हम प्रकाश में आया है कि क्या आपने भी कभी ऐसा सुना है की जनपद में किसानों ने अपने चंदे के पैसे से अपनी ग्राम सभा की रोड बनवाने का काम किया है वह भी इस समय जब प्रधानी का चुनाव संपन्न होने के बाद नवनिर्वाचित प्रधानों की ताजपोशी होने के बाद भी क्या गांव के किसान चंदे के पैसे से किसी सड़क का मरम्मती का काम करवा सकते हैं यह मानने वाली बात ही नहीं क्योंकि गांव की जनता को तो उम्मीद होती है कि नवनिर्वाचित प्रधान द्वारा गांव का विकास किया जाएगा परंतु इस गांव का नजारा कुछ और ही नजर आया, रात के अंधेरे में जेसीबी लगाकर रास्ते की पुराई का काम बखूबी किया जा रहा था वहीं विश्वासत सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार यह मामला  संवाददाताओं के पास जा पहुंचा  और कुछ पत्रकारों ने जनपद के उच्च अधिकारियों को इस मामले की सूचना दे दी वहीं उच्च अधिकारियों के आदेश पर  मौके पर पहुंचकर पुलिस प्रशासन ने नवनिर्वाचित प्रधान प्रमोद कुमार पासवान व रात्रि में सड़क पुराई कर रही जेसीबी को पकड़ कर शाह चौकी ले आई वही इस मामले की भनक लगते ही गांव के ही निवासी प्रीतम सिंह जो किसान यूनियन के महामंत्री कहलाते हैं उन्हीं के रहमों करम पर नवनिर्वाचित प्रधान को प्रधानी का ताज मिल पाया है तो फिर भला लंबरदार की लंबरदारी क्यों ना चलती क्योंकि उनके द्वारा ही प्रधान को प्रधानी का ताज गांव की जनता ने पहनाया है तो फिर लंबरदार की बात आखिरकार कैसे कट सकती हैं जब पूरी कमान ही उनके हाथ में हो तो फिर नवनिर्वाचित प्रधान की क्या हिम्मत कि वह उनके निर्देश के बगैर अपनी मर्जी से भला कोई काम कर ले अब आप सोच रहे होंगे कि आखिरकार पूरा मामला क्या है तो हम आपको बताते हैं कि पूरा मामला यह है कि प्रीतम सिंह के करीबी जानने वालों की जेसीबी मशीन से गाव के रास्ते की पुराई करवाई जा रही थी और मनरेगा मजदूरों के पेट पर लात मारने का काम किया जा रहा था या फिर यह भी कहा जा सकता है कि नवनिर्वाचित ताजपोशी होने के बाद भ्रष्टाचार की पहली चरम सीमा पार करने का काम शुरू किया गया था परंतु कुछ पत्रकारों ने तो पूरा खेल ही बिगाड़ दिया हालांकि शातिर प्रीतम सिंह जनपद के उच्च अधिकारियों को गुमराह करके कुछ नामचीन किसानों को चौकी में ले जाकर यह कह ला दिया कि यह सड़क की पुराई सभी किसान अपने चंदे के पैसों से करवा रहे हैं परंतु किसी भी उच्च अधिकारी ने यह नई गौर फरमाया कि यह किसानों को सड़क की मरम्मत ही करवानी थी तो वह दिन के उजाले में भी करवा सकते थे परंतु ऐसा नहीं हुआ हालांकि पुलिस प्रशासन ने किसानों के कहने पर जेसीबी व प्रधान दोनों को छोड़ दिया जिससे शातिर दिमाग वाले प्रीतम सिंह व ग्राम प्रधान के हौसले और भी बुलंद हो गए क्योंकि भ्रष्टाचार की प्रथम चरण में उन्होंने अपना इंतिहान पास कर लिया था लेकिन पत्रकारों ने अगले दिन उसी गांव की सड़क की हकीकत देखने पहुंचे तो वहां का नजारा कुछ और ही नजर आया सड़क से जुड़े हुए तालाब के पास मनरेगा मजदूर काम कर रहे थे जिसमें कुछ मजदूर 60 वर्ष की आयु से अधिक नजर आए तथा  काफी बुजुर्ग  दिखे तो कुछ मजदूर 18 वर्ष की उम्र से कम नजर आए वही मजदूरों से मजदूरी करवाने वाला मेठ दारू के नशे में धुत्त नजर आया वही पत्रकारों ने जब मनरेगा मजदूरों की हकीकत जाननी चाही तो नशे में धुत मेठ ने ग्राम सभा के प्रधान को फोन करते हुए  यह बताया कि कुछ पत्रकार मनरेगा मजदूरों के काम करने का कवरेज कर रहे हैं जल्दी से तालाब के पास आओ और इन पत्रकारों को इनकी औकात दिखाया जाए वही इतना सुनते ही नवनिर्वाचित प्रधान ने अपने आका प्रीतम सिंह के साथ कई समर्थकों को लेकर पत्रकार के ऊपर गाली गलौज करते हुए जातिवाद शब्दों का प्रयोग किया तथा पत्रकारों का मोबाइल छीन लिया और पत्रकारों के द्वारा किए गए कवरेज के साक्ष्य को मिटा दिया परंतु ग्राम प्रधान व उनके आका ने पत्रकारों को बंधक बनाने का भरपूर प्रयास किया परंतु जब पत्रकार ने इस बात का विरोध किया कि वह सत्य दिखाने में कहीं भी पीछे नहीं हटेगे तो इतना सुनते ही प्रीतम सिंह व प्रधान आग बबूला हो गए और पत्रकार को धमकी देने लगे की हम  खुद ही अपने पैर में गोली मार लेंगे और कवरेज करने आए पत्रकारों के ऊपर मुकदमा लिखवा कर उन्हें जेल भेज देंगे उन्हें तो जेसीबी चलानी हैं और उन्होंने वीडियो में साफ तौर पर कहा कि आज भी जेसीबी चलेगी जिसकी औकात हो वह जेसीबी रोक कर दिखा दे क्योंकि वह जेसीबी प्रीतम सिंह के चहेतों की है और प्रधानी का कार्यकाल प्रीतम सिंह के कहने पर चलेगा वही प्रीतम सिंह ने पत्रकारों से गाली गलौज करते हुए उनके गांव में दुबारा ना जाने की बात कही अन्यथा यदि मोहनपुर अलीपुर ग्राम सभा कोई भी पत्रकार नजर आ गया तो दिनदहाड़े उसको मारने का काम किया जाएगा क्योंकि उन्हें डर है कि कहीं उनके भ्रष्टाचार के प्रथम चरण से ही कहीं रोक ना लग जाए तो फिर पूरे 5 वर्ष कैसे वह अपने इशारे पर प्रधानी का कार्यकाल चला पाएंगे हालांकि इस मामले की सूचना शाह चौकी इंचार्ज को दी गई तो उन्होंने आनन-फानन में पहुंचकर दबंगई करने वाले प्रीतम सिंह व ग्राम प्रधान को चेतावनी दी कि यदि संविधान के चौथे स्तंभ और तीसरी आंख के साथ दोबारा इस तरीके का व्यवहार किया गया तो अंजाम भुगतने के लिए तैयार हो जाओ*